बारिश शुरू होते ही कुछ लोगों को घुटनों, कमर या दूसरे जोड़ों में दर्द और अकड़न अधिक महसूस होने लगती है। पहले से गठिया या पुरानी चोट होने पर चलने और सीढ़ियाँ चढ़ने में भी परेशानी हो सकती है।
मौसम आमतौर पर गठिया पैदा नहीं करता। हालाँकि, ये कुछ लोगों में पहले से मौजूद दर्द बढ़ा सकता है। दर्द चोट, मांसपेशियों की कमज़ोरी या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि बारिश में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है, इसके लक्षण क्या हैं और जाँच, इलाज और बचाव के कौन-से तरीक़े मदद कर सकते हैं।
बारिश में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है
मौसम और जोड़ों के दर्द के संबंध पर हुए अध्ययनों के परिणाम अलग-अलग हैं। मौसम बदलने (जैसे हवा का दबाव कम-ज्यादा होने, उमस बढ़ने या ठंड बढ़ने) से कुछ मरीजों का दर्द बढ़ जाता है। साथ ही, बारिश के दिनों में लोग घर में बैठे रहते हैं, और गतिविधि भी कम रहती है जिसके कारण उनके जोड़ों में जकड़न आ सकती है।
मुख्य जोड़ों के दर्द के कारण ये हो सकते हैं:
- हवा का दबाव और नमी: इनके बदलाव से कुछ लोगों में दर्द अधिक महसूस हो सकता है।
- कम तापमान: ठंडक के कारण मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न बढ़ सकती है।
- कम गतिविधि: लंबे समय तक बैठे रहने से जोड़ सख़्त महसूस हो सकते हैं।
- चलने में बदलाव: फिसलन पर संभलकर चलने से घुटनों पर अलग तरह का दबाव पड़ सकता है।
कई बार घुटनों का दर्द और बारिश एक साथ शुरू हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बारिश ही दर्द का कारण है। दर्द की सही वजह जानने के लिए डॉक्टर से जाँच कराना ज़रूरी है।
जोड़ों के दर्द और गठिया में अंतर
जोड़ों का दर्द एक लक्षण है। ये चोट, अधिक दबाव, संक्रमण या दूसरी समस्या से हो सकता है।
गठिया किसी एक बीमारी का नाम नहीं है। इसके कई प्रकार होते हैं, जो जोड़ों को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं:
- ऑस्टियोआर्थराइटिस: इसमें जोड़ की हड्डियों को ढकने वाला कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है।
- रूमेटाइड आर्थराइटिस: ये इम्यूनिटी से जुड़ी बीमारी है, जिसमें सूजन, दर्द और अकड़न हो सकती है।
घुटनों और गठिया के लक्षण
घुटनों के दर्द के लक्षण और गठिया के लक्षण हर मरीज़ में अलग हो सकते हैं। इनमें दर्द, सूजन, अकड़न, जोड़ों में जलन या गर्माहट महसूस होना, गति कम होना या घुटना कमज़ोर लगना शामिल है।
केवल आवाज़ आने या दर्द होने से गठिया की पुष्टि नहीं होती।
किन लोगों को इसका खतरा सबसे ज्यादा है?
बारिश में घुटनों का दर्द इन लोगों को अधिक परेशान कर सकता है:
- गठिया या पुरानी चोट वाले मरीज़
- बुज़ुर्ग और शारीरिक रूप से कम एक्टिव लोग
- अधिक वज़न वाले लोग
- मांसपेशियों या हड्डियों की समस्या वाले लोग
जोड़ों के दर्द की जाँच
हड्डी रोग विशेषज्ञ पहले लक्षणों और पुरानी बीमारियों के बारे में पूछते हैं। इसके बाद जोड़ की गति, सूजन और दर्द वाली जगह की जाँच की जा सकती है। हर मरीज़ को सभी टेस्ट की ज़रूरत नहीं होती। स्थिति के अनुसार डॉक्टर एक्स-रे, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट या जोड़ के फ्लूइड की जाँच कराने की सलाह दे सकते हैं।
अगर आप ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक डॉक्टर की तलाश कर रहे हैं, तो डॉक्टर का अनुभव और अस्पताल में उपलब्ध जाँच सुविधाएँ ज़रूर देखें।
अगर डॉक्टर को कैल्शियम या विटामिन डी की कमी का संदेह हो, तो इनकी जाँच कराने की सलाह भी दी जा सकती है।
जोड़ों और घुटनों के दर्द का इलाज
जोड़ों के दर्द का इलाज उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। गठिया का इलाज शुरू करने से पहले उसका प्रकार जानना ज़रूरी है।
जाँच के आधार पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ ये विकल्प सुझा सकते हैं:
- दर्द और सूजन के लिए दवाएँ या इंजेक्शन
- जोड़ की गति और मांसपेशियों की मज़बूती के लिए फ़िज़ियोथेरेपी
- अधिक वज़न होने पर उसे सुरक्षित तरीक़े से कम करने की सलाह
- जोड़ बहुत ज़्यादा ख़राब होने, लगातार दर्द रहने और दूसरे इलाज से राहत ना मिलने पर जोड़ बदलने की सर्जरी
- चुने गए मरीज़ों में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट
घुटनों के दर्द का इलाज या आर्थराइटिस का इलाज हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। अपने आप दवा शुरू या बंद ना करें। रोबोटिक सर्जरी भी हर मरीज़ के लिए ज़रूरी नहीं होती।
बारिश में जोड़ों के दर्द से बचाव
जोड़ों के दर्द से बचाव के लिए मानसून में भी हल्की गतिविधि बनाए रखें। बारिश में हड्डियों की देखभाल के लिए:
- घर के भीतर सैर या बताए गए व्यायाम करें।
- लंबे समय तक एक जगह ना बैठें।
- फिसलन से बचने वाले जूते पहनें।
- गीले कपड़े बदलें।
- संतुलित भोजन लें।
- बिना जाँच सप्लीमेंट ना शुरू करें।
अगर आप जानना चाहते हैं कि जोड़ों को मज़बूत कैसे रखें, तो नियमित गतिविधि, सही वज़न और मांसपेशियों की मज़बूती पर ध्यान दें। दर्द बढ़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।
डॉक्टर से मिलने का सही समय
दर्द कई दिनों तक रहे, बढ़ता जाए या रोज़ के काम प्रभावित करे, तो मथुरा में सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से मिलें।
बुख़ार, लालिमा, तेज़ सूजन, गंभीर चोट, जोड़ का आकार बदलने या पैर पर वज़न ना रख पाने पर जल्द चिकित्सकीय सहायता लें।
निष्कर्ष
बारिश के मौसम में जोड़ों का दर्द कुछ लोगों में बढ़ सकता है। इसे केवल मौसम का असर मानकर नज़रअंदाज़ ना करें। समय पर जाँच और सही देखभाल दर्द संभालने में मदद कर सकती है।
सर्वोदय हॉस्पिटल, फरीदाबाद में जोड़ों और हड्डियों की समस्याओं के लिए जाँच, इलाज और बचाव संबंधी परामर्श दिया जाता है। डॉक्टर स्थिति के अनुसार दवा, फ़िज़ियोथेरेपी या सर्जरी पर सलाह दे सकते हैं।
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